Overview
Supreme Court ने कुछ ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्मों के खिलाफ कड़ी आदेश जारी किया जो कथित तौर पर ‘Corruption in Judiciary’ शीर्षक वाले NCERT Class‑8 सामाजिक‑विज्ञान अध्याय के विवाद पर “irresponsible” टिप्पणी फैला रहे थे। बेंच, जिसका नेतृत्व Chief Justice of India Surya Kant कर रहे थे, ने Union Government को उन वेबसाइटों और उनके पीछे के व्यक्तियों की पहचान करने का निर्देश दिया, जिससे “mischief mongers” कहा गया उन पर शून्य‑सहिष्णुता का रुख दर्शाया गया।
Key Developments
- तीन‑जज बेंच (Justice Joymalya Bagchi और Justice Vipul M Pancholi) ने सरकार को दोषी वेबसाइटों और जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान करने का आदेश दिया।
- CJI ने चेतावनी दी कि यदि अपराधी विदेश में भी हों, तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
- Court ने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका की वैध, विद्वतापूर्ण आलोचना अभी भी स्वीकार्य है।
- NCERT ने पुष्टि की कि विवादास्पद अध्याय को पुनः लिखा गया है और यह केवल Centre द्वारा स्थापित high‑level committee की समीक्षा के बाद ही प्रकाशित होगा।
- SG Tushar Mehta ने आश्वासन दिया कि समिति की मंजूरी के बिना संशोधित अध्याय को पुनःप्रकाशित नहीं किया जाएगा।
Important Facts
• केस शीर्षक: In Re: Social Science Textbook for Grade‑8 (Part 2) published by NCERT and ancillary issues | SMW (C) 1/2026।
• आदेश 11 March 2026 को जारी किया गया।
• विवादित सामग्री ने न्यायपालिका में corruption in the judiciary को संबोधित किया और तीव्र सोशल‑media बहस को जन्म दिया।
Exam Relevance
यह एपिसोड कई मुख्य UPSC थीम्स को छूता है:
- न्यायिक स्वतंत्रता &