समीक्षा
The Supreme Court on June 17, 2026 ने दो पुरुषों की जमानत याचिकाओं पर नोटिस जारी किया, जो बारह साल से अधिक समय से जेल में हैं। दोनों को Unlawful Activities (Prevention) Act (UAPA) के तहत आरोपित किया गया है। आदेश में counter affidavit के लिए नई समयसीमा निर्धारित की गई है और जुलाई में सुनवाई तय की गई है।
मुख्य विकास
- एक दो‑जजमेंट बेंच जिसमें Justice Joymalya Bagchi और Justice V. M. Panchali शामिल हैं, ने Delhi Police को July 20, 2026 तक अपना काउंटर अफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया।
- मामला July 28, 2026 को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
- याचिकाकर्ता Saquib Ansari और Waqar Azhar को मार्च 2014 में गिरफ्तार किया गया और UAPA के सेक्शन 18, 18A, 19 और 20 के तहत प्रतिबंधित Indian Mujahideen की सदस्यता के आरोप लगाए गए।
- Delhi High Court ने April 24, 2026 को जमानत से इनकार कर दिया था। Supreme Court अब उस आदेश की समीक्षा कर रहा है।
- प्रॉसिक्यूशन ने लगभग 600 गवाहों की सूची बनाई है, जो लंबी प्रक्रिया का संकेत देता है।
महत्वपूर्ण तथ्य
केस को MOHD. SAQUIB ANSARI v. STATE | SLP (Crl) 11369/2026 के रूप में दर्ज किया गया है। दोनों आरोपी बारह साल से अधिक समय तक हिरासत में रहे हैं, जिससे यह UAPA के तहत सबसे लंबी प्री‑ट्रायल हिरासतों में से एक बनता है। Supreme Court का नोटिस जमानत नहीं देता; यह केवल पुलिस को याचिकाकर्ताओं के तर्कों का जवाब देने के लिए कहता है।
UPSC प्रासंगिकता
इस केस को समझना aspirants को कई तरीकों से मदद करता है:
- यह Supreme Court के निचली अदालतों की निगरानी और प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के कार्य को दर्शाता है।