Key Insight
NCRMP ने सभी आठ तटीय राज्यों में चक्रवात‑प्रतिरोधी बुनियादी ढाँचा पूरा कर लिया, आपदा प्रबंधन को सुदृढ़ किया।
Key Facts
- National Cyclone Risk Mitigation Project (NCRMP) को Ministry of Home Affairs (MHA) द्वारा लॉन्च किया गया था।
- Phase‑I (Jan 2011‑Dec 2018) ने Andhra Pradesh और Odisha को ₹2,524.84 crore के खर्च के साथ कवर किया।
- Phase‑II (Jul 2015‑Mar 2023) ने Goa, Gujarat, Karnataka, Kerala, Maharashtra और West Bengal को ₹1,806.84 crore के साथ कवर किया।
- NCRMP का कुल संचयी खर्च ₹4,300 crore से अधिक है।
- मुख्य घटकों में Early Warning Dissemination System, Multi‑Purpose Cyclone Shelters, निकासी सड़कें/पुल, खारे एम्बैंकमेंट और भूमिगत केबलिंग शामिल हैं।
- एक Project Monitoring Unit (PMU) केंद्र में स्थापित किया गया और प्रत्येक आठ राज्यों में समान इकाइयाँ कार्यान्वयन और निगरानी के लिए बनाई गईं।
Background
भारत के आठ तटीय राज्यों की चक्रवात‑संवेदनशीलता ने लंबे समय से आपदा प्रबंधन को चुनौती दी है। NCRMP सरकार की जलवायु‑अनुकूलन और आपदा‑सहिष्णुता एजेंडा के साथ संरेखित है, जो बुनियादी ढाँचा विकास को पारिस्थितिकी तंत्र संरक्षण के साथ एकीकृत करता है, और 2005 के Disaster Management Act के व्यापक ढाँचे के अंतर्गत आता है।
UPSC Syllabus
- GS3 — Disaster and disaster management
- Prelims_GS — National Current Affairs
- GS2 — Government policies and interventions for development
Mains Angle
GS‑2 (Polity) और GS‑3 (Environment & Disaster Management) परीक्षाओं में, उम्मीदवार NCRMP को एक केंद्रीय‑वित्त पोषित, अंतर‑मंत्रालयीय पहल के रूप में चर्चा कर सकते हैं जो संस्थागत तंत्र (PMU) और बुनियादी ढाँचा को सुदृढ़ करता है ताकि चक्रवात जोखिम को कम किया जा सके, और नीति‑कार्यान्वयन संबंधों को दर्शाता है।