भारत ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है, जिसमें निजी कंपनियों को नई लागू की गई SHANTI Act के तहत परमाणु ऊर्जा संयंत्रों का संचालन करने की अनुमति दी गई है। यह कदम देश की installed nuclear power capacity को वर्तमान 8.7 GW से बढ़ाकर 100 GW by 2047 करने का लक्ष्य रखता है। पूर्व नियामकों और नीति विशेषज्ञों का कहना है कि परमाणु परियोजनाओं को “जीवनकाल प्रतिबद्धता” और मजबूत financial security की आवश्यकता होती है, ताकि waste management, विकिरण‑संबंधी दावों का निपटारा, और decommissioning को कवर किया जा सके।
Key Developments
- संसद ने SHANTI Act, 2025 पारित किया, जिससे परमाणु उत्पादन में निजी क्षेत्र की भागीदारी खुली।
- नीति private participation और foreign funds को संयंत्र निर्माण और संचालन के लिए प्रोत्साहित करती है।
- नियामक “जीवनकाल प्रतिबद्धता” पर ज़ोर देते हैं ताकि अपशिष्ट निपटान, दावों का निपटारा और संयंत्र decommissioning के लिए दीर्घकालिक financial security सुनिश्चित की जा सके।
Important Facts
- वर्तमान ...
