अवलोकन
The Supreme Court ने Suo Motu कार्यवाही शुरू की है, जो National Chambal Sanctuary में अवैध रेत निकासी के खिलाफ है। यह खनन गतिविधि उन Gharials को खतरा पहुंचा रही है जिन्हें सरकार पुनः प्रस्तुत करने की कोशिश कर रही है, और वन्यजीव संरक्षण कानूनों के प्रवर्तन पर प्रश्न उठाती है।
मुख्य विकास
- Justices Vikram Nath और Sandeep Mehta ने इस मुद्दे की जांच के लिए एक बेंच गठित की और अपने अवलोकन CJI Surya Kant को उचित आदेशों के लिए भेजेंगे।
- बेंच ने हालिया समाचार रिपोर्टों और एक CSR (Corporate Social Responsibility) अध्ययन का हवाला दिया, जिसमें बताया गया कि जहाँ Gharial‑संरक्षण कार्यक्रम सक्रिय है, वह पूरी संरक्षित लम्बाई “बेतहाशा खनन” के अधीन है।
- यहाँ तक कि वह विशेष स्थल जहाँ Madhya Pradesh Chief Minister ने sand mining के तहत Gharials छोड़े थे, भी अवैध sand mining के अधीन हो गया है।
महत्वपूर्ण तथ्य
सैनक्चुअरी राजस्थान, Madhya Pradesh और Uttar Pradesh के भौगोलिक tripoint पर स्थित है। 1979 में घोषित, इसका मुख्य उद्देश्य घटती हुई Gharial जनसंख्या की सुरक्षा करना और Chambal River की नदी पारिस्थितिकी को बनाए रखना है। अवैध रेत निकासी न केवल घोंसले के स्थानों को नष्ट करती है बल्कि सरीसृपों को स्थानांतरित होने के लिए मजबूर करती है, जिससे हालिया संरक्षण प्रयास कमजोर होते हैं।
UPSC प्रासंगिकता
यह मामला कई GS विषयों को छूता है: पर्यावरणीय शासन में न्यायपालिका की भूमिका (GS2 & GS3), Wildlife Protection Act, 1972 जैसे वन्यजीव संरक्षण अधिनियमों को लागू करने की चुनौतियां, और जैव विविधता पर अनियंत्रित प्राकृतिक‑संसाधन निकासी का प्रभाव। अभ्यर्थियों को यह नोट करना चाहिए कि Suo Motu — एक शक्ति कैसे...
