Overview
Supreme Court ने National Chambal Sanctuary में व्यापक अवैध रेत खनन को लेकर suo motu संज्ञान लिया है। 17 अप्रैल 2026 को जारी निर्णय में, दो‑जजों की बेंच ने तीन राज्यों को कड़ी निगरानी, GPS‑आधारित ट्रैकिंग और खनन माफियाओं के खिलाफ प्रतिबंधात्मक हिरासत अपनाने का निर्देश दिया, अन्यथा Court रेत निकासी पर पूर्ण प्रतिबंध लगा सकती है।
Key Developments
- अवैध रेत खनन के लिए अक्सर उपयोग किए जाने वाले सभी मार्गों और संवेदनशील नदी खंडों पर उच्च‑रिज़ॉल्यूशन, Wi‑Fi सक्षम CCTV कैमरों की स्थापना।
- Morena (MP) और Dholpur (Rajasthan) में प्रत्येक खनन वाहन और मशीनरी पर GPS ट्रैकर की अनिवार्य फिटिंग, एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में।
- अवैध रेत निकासी में पकड़े गए किसी भी वाहन या उपकरण की जप्ती प्रक्रिया, साथ ही उल्लंघनकर्ताओं पर पर्यावरणीय मुआवजा लगाया जाएगा।
- संयुक्त गश्त टीमों का गठन, अर्द्धसैनिक/केंद्रीय बलों की तैनाती, और जिला‑स्तर के कंट्रोल रूम की स्थापना, जिससे District Magistrates और पुलिस के साथ वास्तविक‑समय डेटा साझा किया जा सके।
- निर्देशों को लागू न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ व्यक्तिगत उत्तरदायित्व और अवमानना कार्यवाही की स्पष्ट चेतावनी।
Important Facts
Court ने तीन राज्यों की विफलता को उजागर किया, जो gharial संरक्षण कार्यक्रम के संरक्षक होने के बावजूद अवैध खनन को रोक नहीं पाए। इसने एक हालिया घटना का उल्लेख किया, जिसमें एक वन गार्ड को रेत‑लोडेड वाहन को रोकने के प्रयास में मार दिया गया, जिससे तात्कालिकता स्पष्ट हुई। निर्देशों में राज्यों को समर्पित कंट्रोल रूम पर व्यवहार्यता रिपोर्ट प्रस्तुत करने और आदेशों को व्यापक रूप से प्रकाशित करने की भी आवश्यकता है। गैर‑अनुपालन पर उल्लंघनकारी उपकरणों की तुरंत जप्ती होगी, जिसे केवल Supreme Court की स्पष्ट अनुमति से ही रिहा किया जा सकता है।
